Sir मैंने à¤à¤• परिवाद 379 452 मे दायर किया था जिसमें उसके खिलाफ non bailable warrant issue हो गये उस आदेश के खिलाफ विपकà¥à¤·à¥€ हाईकोरà¥à¤Ÿ गये वहां से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मदद नहीं मिली उसके बाद विपकà¥à¤·à¥€ ने रिवीजन जिला जज साहब के रिवीजन दायर किया और हलफनामे में लिखा कि हमें इस मà¥à¤•दमे की जानकारी अफवाह फैलने पर हà¥à¤ˆ । कया मे उसके खिलाफ 193 196 आईपीसी मे परिवाद दायर कर सकता हूठ।